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IMD Foundation Day: PM मोदी ने IMD के 150वें स्थापना दिवस पर कहा- आज हमें व्हाट्सएप पर मिलते हैं मौसम अपडेट

IMD Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 150वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम भारतीय मंडपम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 25 मिनट की लंबी स्पीच दी, जिसमें उन्होंने भारतीय मौसम विभाग के विकास, उसकी महत्ता और चुनौतियों पर चर्चा की।

IMD के 150 वर्षों की यात्रा का उत्सव

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “आज हम भारतीय मौसम विभाग के 150 वर्षों का उत्सव मना रहे हैं। यह सिर्फ भारतीय मौसम विभाग की यात्रा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की यात्रा भी है। IMD ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक यात्रा का प्रतीक भी बन चुका है।”

पुरानी सरकारों में आपदाओं को ‘भाग्य’ मान लिया जाता था: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “आज सभी मौसम संबंधी अपडेट्स व्हाट्सएप पर उपलब्ध हैं। पिछले 10 वर्षों में कई चक्रवात आए, लेकिन हम जीवन के नुकसान को शून्य या न्यूनतम स्तर पर रख पाए। पिछली सरकारों के दौरान, जब ऐसी प्राकृतिक आपदाओं में हजारों लोग मारे जाते थे, तब इसे भाग्य का खेल माना जाता था।”

मिशन मौसम का शुभारंभ

प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में ‘मिशन मौसम’ का शुभारंभ भी किया। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, म्यांमार, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव के अधिकारियों के अलावा मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकारी भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, “भारत को एक जलवायु-समझदार राष्ट्र बनाने के लिए हमने ‘मिशन मौसम’ शुरू किया है। यह मिशन भारत की स्थिर भविष्य और भविष्य की तैयारियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

Chandrababu Naidu ने PM मोदी के फैसलों का किया समर्थन, कहा- "हम पूरी तरह से साथ हैं"
Chandrababu Naidu ने PM मोदी के फैसलों का किया समर्थन, कहा- “हम पूरी तरह से साथ हैं”

IMD Foundation Day: PM मोदी ने IMD के 150वें स्थापना दिवस पर कहा- आज हमें व्हाट्सएप पर मिलते हैं मौसम अपडेट

मौसम विज्ञान में भारत की प्रगति और आपदा प्रबंधन

प्रधानमंत्री ने बताया कि हमारे मौसम विज्ञान के क्षेत्र में की गई प्रगति के कारण हमारा आपदा प्रबंधन क्षमता भी बढ़ी है। इसका लाभ पूरी दुनिया को मिल रहा है। “आज हमारा फ्लैश फ्लड गाइडेंस सिस्टम नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को जानकारी दे रहा है।”

IMD की 4 प्रमुख विशेषताएँ

प्रधानमंत्री मोदी ने IMD की चार प्रमुख विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला:

  1. सम्पूर्ण देश में मौसम की जानकारी का प्रसार: IMD द्वारा जारी की गई ‘Early Warning for All’ योजना के तहत पूरे देश के 90% लोगों तक मौसम की जानकारी पहुँचती है। लोग 10 दिन पहले आने वाले मौसम का अनुमान प्राप्त कर सकते हैं।
  2. व्हाट्सएप के जरिए मौसम अपडेट्स: अब मौसम की जानकारी व्हाट्सएप पर सीधे पहुँचाई जाती है। इसके अलावा, ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिससे देश की सभी स्थानीय भाषाओं में मौसम की जानकारी उपलब्ध होती है।
  3. किसानों के लिए मौसम की जानकारी: 10 साल पहले केवल 10% किसान मौसम संबंधी जानकारी का लाभ उठाते थे, अब यह संख्या 50% से अधिक हो चुकी है। अब किसान भी मोबाइल पर बिजली गिरने जैसी घटनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  4. मछुआरों को रियल टाइम अपडेट्स: जब लाखों मछुआरे समुद्र में जाते थे, तो उनके परिवारों को किसी भी आपत्ति का डर होता था। अब मछुआरों को रियल टाइम मौसम अपडेट्स मिलते हैं।
स्मारिका सिक्के और डाक टिकटों का विमोचन

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर ‘मिशन मौसम’ के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘IMD विजन-2047’ दस्तावेज़ भी जारी किया। इस दस्तावेज़ में मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के निवारण के लिए योजनाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही, उन्होंने 150 रुपये के स्मारिका सिक्के और डाक टिकटों का भी विमोचन किया।

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भारत का मौसम विज्ञान में वैश्विक नेतृत्व

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से संबंधित भारत का नेतृत्व वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मिशन मौसम’ की शुरुआत से न केवल भारत को, बल्कि पूरी दुनिया को लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मौसम विभाग के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर की गई घोषणाओं और पहलियों से यह साफ किया कि भारत अब विज्ञान और तकनीकी विकास के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ‘मिशन मौसम’ जैसे कार्यक्रम से यह उम्मीद की जा रही है कि भारत आने वाले दशकों में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में और अधिक सक्षम होगा। IMD की प्रगति ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब देश अपने संसाधनों और प्रयासों का सही दिशा में उपयोग करता है, तो वह हर चुनौती को पार कर सकता है।

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